*तुम्हारे शुध्द अन्तःकरण से की हुई श्रध्दाभक्ति को मैं जानता हूँ,तुम्हारे मन की पवित्रता को देखकर मैं तुम्हारे द्वारा अर्पित की हुई वस्तु को प्रसाद रूप में स्वीकार करता हूँ तुम घर बैठे हुए ही जब मेरा ध्यान करके मेरे लिए भोजन प्रसाद निकाल कर रखते हो,तो मैं तुम्हारे प्रेमपूर्वक अर्पित किए हुए प्रसाद को ग्रहण करता हूँ मैं तुम्हारे शुद्ध भाव को देखकर तुम्हारे अधीन हो जाता हूँ,जो मुझमें प्रेम भाव रखते हैं मैं उनका दास हूँ...☝सबका मालिक एक* *जय हनुमंते नमः 👏* *शुभ साई संध्या 👏* *लाइव दर्शन मेरे बाबा 👏*